प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना 2026 (PM-VBRY):
देश में रोजगार के अवसर बढ़ाने और युवाओं को औपचारिक रोजगार (Formal Employment) से जोड़ने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (Pradhan Mantri Viksit Bharat Rozgar Yojana – PM-VBRY) शुरू की है। यह योजना रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (Employment Linked Incentive – ELI) है, जिसके माध्यम से पहली बार औपचारिक नौकरी करने वाले पात्र कर्मचारियों तथा नए कर्मचारियों की भर्ती करने वाले पात्र नियोक्ताओं को वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है।
इस योजना का संचालन श्रम एवं रोजगार मंत्रालय (Ministry of Labour & Employment) द्वारा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के माध्यम से किया जा रहा है। योजना का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को औपचारिक क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराना, सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाना तथा उद्योगों को नई भर्तियों के लिए प्रोत्साहित करना है।
महत्वपूर्ण: इस योजना का लाभ प्रत्येक कर्मचारी या प्रत्येक नियोक्ता को स्वतः नहीं मिलता। लाभ केवल उन्हीं मामलों में उपलब्ध होता है जहाँ सरकार द्वारा निर्धारित सभी पात्रता शर्तें पूरी की जाती हैं।
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना 2026 – Highlights
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) |
| अंग्रेजी नाम | Pradhan Mantri Viksit Bharat Rozgar Yojana |
| योजना का प्रकार | Employment Linked Incentive (ELI) Scheme |
| शुरू करने वाली संस्था | भारत सरकार |
| संबंधित मंत्रालय | श्रम एवं रोजगार मंत्रालय |
| कार्यान्वयन एजेंसी | EPFO |
| लाभार्थी | पात्र प्रथम-बार औपचारिक कर्मचारी एवं पात्र नियोक्ता |
| कर्मचारी लाभ | निर्धारित शर्तों के अनुसार ₹15,000 तक |
| नियोक्ता लाभ | योजना के नियमों के अनुसार प्रति पात्र अतिरिक्त कर्मचारी प्रोत्साहन |
| योजना अवधि | 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित पात्र रोजगार |
| आधिकारिक पोर्टल | PM-VBRY Portal |
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प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) क्या है?
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना एक Employment Linked Incentive (ELI) योजना है, जिसका उद्देश्य देश में औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देना है। इस योजना के अंतर्गत सरकार उन संस्थानों को प्रोत्साहित करती है जो नए कर्मचारियों की भर्ती करते हैं, वहीं पहली बार औपचारिक रोजगार प्राप्त करने वाले पात्र कर्मचारियों को भी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
योजना का लाभ मुख्य रूप से EPFO से जुड़े रोजगार पर आधारित है। इसलिए केवल नौकरी प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कर्मचारी और नियोक्ता दोनों को योजना में निर्धारित पात्रता एवं अनुपालन (Compliance) की शर्तों का पालन करना आवश्यक होता है।
(PM-VBRY) योजना शुरू करने का उद्देश्य
भारत सरकार ने इस योजना को शुरू करने के पीछे कई महत्वपूर्ण उद्देश्य निर्धारित किए हैं।
1. औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देना
देश में बड़ी संख्या में लोग असंगठित क्षेत्र में कार्य करते हैं। इस योजना का उद्देश्य अधिक से अधिक कर्मचारियों को EPFO के दायरे में लाकर औपचारिक रोजगार से जोड़ना है।
2. युवाओं को पहली नौकरी के लिए प्रोत्साहित करना
कई युवा पहली नौकरी शुरू करने के समय आर्थिक चुनौतियों का सामना करते हैं। इस योजना के माध्यम से पात्र युवाओं को प्रारंभिक वित्तीय सहायता देकर औपचारिक रोजगार अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
3. उद्योगों में नई भर्ती बढ़ाना
नियोक्ताओं को वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान कर उद्योगों, MSME तथा अन्य संस्थानों को अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती के लिए प्रेरित किया जाता है।
4. सामाजिक सुरक्षा का विस्तार
EPFO से जुड़ने पर कर्मचारियों को भविष्य निधि जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलता है। इस योजना का उद्देश्य अधिक से अधिक कर्मचारियों को इस व्यवस्था से जोड़ना है।
5. विकसित भारत के लक्ष्य को समर्थन
रोजगार सृजन, कौशल विकास और औपचारिक अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाकर भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
योजना किन दो भागों में लागू की गई है?
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना को मुख्य रूप से दो भागों में लागू किया गया है।
Part A – First Time Employees
इस भाग के अंतर्गत पहली बार औपचारिक रोजगार प्राप्त करने वाले पात्र कर्मचारियों को निर्धारित शर्तों के अनुसार वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाता है।
Part B – Employers Incentive
इस भाग के अंतर्गत ऐसे पात्र नियोक्ताओं को प्रोत्साहन दिया जाता है जो योजना की शर्तों के अनुसार अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती करते हैं और उन्हें निर्धारित अवधि तक रोजगार में बनाए रखते हैं।
दोनों भागों की पात्रता, भुगतान प्रक्रिया और शर्तें अलग-अलग हैं। इसलिए कर्मचारी और नियोक्ता दोनों के लिए नियमों को अलग-अलग समझना आवश्यक है।
किन लोगों के लिए यह योजना महत्वपूर्ण है?
यह योजना विशेष रूप से निम्नलिखित वर्गों के लिए उपयोगी है
- पहली बार निजी क्षेत्र में नौकरी शुरू करने वाले युवा
- EPFO पंजीकृत संस्थानों में कार्यरत नए कर्मचारी
- MSME, स्टार्टअप और निजी कंपनियाँ
- बड़े उद्योग जो नई भर्ती कर रहे हैं
- रोजगार की तलाश कर रहे फ्रेशर्स
कर्मचारी (Part A) के लिए पात्रता, ₹15,000 प्रोत्साहन, भुगतान की शर्तें और महत्वपूर्ण नियम
नोट: यह भाग केवल PM-VBRY के Part A (First-Time Employees) से संबंधित जानकारी पर आधारित है। पात्रता और भुगतान योजना की आधिकारिक गाइडलाइंस के अनुसार तय होते हैं। अंतिम निर्णय संबंधित विभाग और EPFO रिकॉर्ड के आधार पर लिया जाता है।
PM-VBRY Part A क्या है?
Part A का उद्देश्य ऐसे युवाओं को प्रोत्साहित करना है जो पहली बार औपचारिक (Formal) रोजगार में प्रवेश कर रहे हैं। इस भाग के अंतर्गत पात्र कर्मचारियों को अधिकतम ₹15,000 तक का प्रोत्साहन दिया जाता है।
यह राशि सीधे नौकरी मिलने पर नहीं मिलती, बल्कि योजना की सभी शर्तें पूरी होने के बाद ही देय होती है।
किन कर्मचारियों को Part A का लाभ मिल सकता है?
सामान्य रूप से कर्मचारी को निम्न प्रमुख शर्तें पूरी करनी होती हैं:
1. पहली बार EPFO से जुड़ना
कर्मचारी का पहली बार EPFO से पंजीकरण होना चाहिए। उसका Universal Account Number (UAN) योजना के नियमों के अनुरूप होना चाहिए।
2. मासिक वेतन सीमा
कर्मचारी का मासिक सकल वेतन (Gross Monthly Salary) ₹1,00,000 या उससे कम होना चाहिए।
यदि वेतन इस सीमा से अधिक है, तो कर्मचारी Part A के लिए पात्र नहीं होगा।
3. योजना अवधि में नौकरी
रोजगार 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित पात्र रोजगार के अंतर्गत होना चाहिए।
4. EPFO पंजीकृत संस्थान
जिस संस्थान में कर्मचारी कार्य कर रहा है, वह EPFO में पंजीकृत होना चाहिए।
5. आधार से जुड़ा UAN
कर्मचारी का UAN आधार से लिंक होना आवश्यक है, ताकि पहचान और भुगतान प्रक्रिया सही ढंग से पूरी की जा सके।
First-Time Employee किसे माना जाएगा?
योजना के अनुसार, सामान्य रूप से First-Time Employee वह कर्मचारी होता है जो पहली बार EPFO के अंतर्गत औपचारिक रोजगार में शामिल हुआ हो और योजना की अन्य पात्रता शर्तें पूरी करता हो।
सिर्फ पहली नौकरी करना पर्याप्त नहीं है; EPFO रिकॉर्ड और योजना की परिभाषा के अनुसार पात्रता निर्धारित की जाती है।
क्या पुराने कर्मचारी भी लाभ ले सकते हैं?
योजना में कुछ परिस्थितियों में Re-Joiner से संबंधित प्रावधान भी दिए गए हैं। हालांकि, ऐसे मामलों में पात्रता स्वतः नहीं मिलती।
यदि कोई कर्मचारी पहले EPFO से जुड़ा था और बाद में पुनः रोजगार में आया है, तो उसकी पात्रता योजना की आधिकारिक गाइडलाइंस में दिए गए नियमों के अनुसार तय की जाएगी।
₹15,000 की राशि कैसे मिलेगी?
पात्र कर्मचारियों को अधिकतम ₹15,000 का प्रोत्साहन दिया जाता है।
यह राशि दो किस्तों में जारी की जाती है। प्रत्येक किस्त तभी जारी होती है जब कर्मचारी योजना में निर्धारित सेवा अवधि तथा अन्य शर्तों को पूरा करता है।
महत्वपूर्ण: ₹15,000 की राशि सभी कर्मचारियों को स्वतः नहीं मिलती। पात्रता, रोजगार की निरंतरता और अन्य नियम पूरे होने पर ही भुगतान किया जाता है।
भुगतान किस माध्यम से होगा?
सरकार द्वारा स्वीकृत लाभ Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से पात्र कर्मचारी के बैंक खाते में भेजा जाता है।
इसलिए कर्मचारी का बैंक खाता आधार से लिंक होना और आवश्यक विवरण सही होना महत्वपूर्ण है।
क्या नौकरी छोड़ने पर लाभ मिलेगा?
यदि कर्मचारी योजना की आवश्यक सेवा अवधि पूरी नहीं करता या अन्य पात्रता शर्तों का पालन नहीं करता, तो वह प्रोत्साहन राशि के लिए पात्र नहीं रह सकता।
इसलिए योजना का लाभ पाने के लिए रोजगार की निरंतरता और अन्य सभी शर्तों का पालन आवश्यक है।
किन कर्मचारियों को लाभ नहीं मिलेगा?
निम्न परिस्थितियों में कर्मचारी लाभ से वंचित हो सकता है:
- मासिक सकल वेतन ₹1 लाख से अधिक हो।
- रोजगार EPFO पंजीकृत संस्थान में न हो।
- आवश्यक UAN/आधार संबंधी शर्तें पूरी न हों।
- योजना की निर्धारित पात्रता या सेवा अवधि पूरी न की गई हो।
- आधिकारिक गाइडलाइंस के अनुसार अन्य अपात्रता की स्थिति हो।
कर्मचारी के लिए आवश्यक दस्तावेज
योजना के लिए निम्न दस्तावेज उपयोगी हो सकते हैं:
- आधार कार्ड
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर
- बैंक खाता विवरण
- UAN
- नियुक्ति पत्र (यदि आवश्यक हो)
- पैन कार्ड (जहाँ लागू हो)
कर्मचारी के लिए महत्वपूर्ण सावधानियां
- नौकरी जॉइन करने के समय सही आधार और बैंक विवरण दें।
- अपना UAN सक्रिय (Activate) रखें।
- EPFO में दर्ज जानकारी समय-समय पर जांचें।
- किसी भी फर्जी वेबसाइट या एजेंट के माध्यम से आवेदन या भुगतान के नाम पर पैसे न दें।
- केवल आधिकारिक PM-VBRY/EPFO पोर्टल की जानकारी पर भरोसा करें।
Employer (Part B) क्या है?
PM-VBRY का Part B नियोक्ताओं (Employers) के लिए बनाया गया है। इसका उद्देश्य सभी क्षेत्रों में नए रोजगार सृजित करना है, जबकि विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्र को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है।
यदि कोई EPFO-पंजीकृत संस्थान योजना की शर्तों के अनुसार अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती करता है और उन्हें न्यूनतम निर्धारित अवधि तक रोजगार में बनाए रखता है, तो वह सरकार से प्रोत्साहन राशि प्राप्त कर सकता है।
Employer के लिए पात्रता
किसी संस्थान को Part B का लाभ लेने के लिए सामान्यतः निम्न शर्तें पूरी करनी होती हैं—
- संस्थान EPFO के अंतर्गत पंजीकृत हो।
- नियमित रूप से ECR (Electronic Challan-cum-Return) और EPF अंशदान जमा किया गया हो।
- योजना के तहत निर्धारित संख्या में अतिरिक्त रोजगार (Additional Employment) सृजित किए गए हों।
- नए कर्मचारियों को कम-से-कम 6 माह तक निरंतर रोजगार दिया गया हो।
- संस्थान योजना की अन्य पात्रता एवं अनुपालन शर्तों का पालन करता हो।
Additional Employment क्या है?
Additional Employment का अर्थ है कि संस्थान ने अपने Baseline Employment से अधिक कर्मचारियों की भर्ती की हो।
सरल शब्दों में, सरकार पहले यह देखती है कि योजना शुरू होने से पहले किसी संस्थान में औसतन कितने कर्मचारी थे। इसके बाद उस संख्या से अधिक जो नए पात्र कर्मचारी जोड़े जाते हैं, उन्हें Additional Employment माना जाता है।
Baseline Employment क्या होता है?
Baseline Employment वह आधार संख्या है जिसके मुकाबले नए रोजगार की गणना की जाती है।
- पुराने (Existing) EPFO-registered संस्थानों के लिए यह आधार पूर्व निर्धारित ECR अवधि के औसत कर्मचारियों के आधार पर तय किया जाता है।
- नए संस्थानों (जो योजना अवधि में EPFO से जुड़ते हैं) के लिए गाइडलाइंस में अलग आधार निर्धारित किया गया है।
न्यूनतम कितनी नई भर्ती करनी होगी?
योजना के अनुसार—
- यदि संस्थान में 50 से कम कर्मचारी हैं, तो कम-से-कम 2 अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती आवश्यक है।
- यदि संस्थान में 50 या अधिक कर्मचारी हैं, तो कम-से-कम 5 अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती आवश्यक है।
इन अतिरिक्त कर्मचारियों को कम-से-कम 6 महीने तक निरंतर रोजगार में बनाए रखना भी आवश्यक है।
Employer को कितनी प्रोत्साहन राशि मिलेगी?
प्रोत्साहन राशि कर्मचारी के EPF Wage के आधार पर निर्धारित की जाती है।
| अतिरिक्त कर्मचारी का EPF Wage | Employer को प्रति माह प्रोत्साहन |
|---|---|
| ₹10,000 तक | वेतन का 10% (अधिकतम ₹1,000) |
| ₹10,001 से ₹20,000 तक | ₹2,000 |
| ₹20,001 से ₹1,00,000 तक | ₹3,000 |
ध्यान दें: ₹10,000 तक के EPF Wage वाले कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन अनुपातिक (Proportionate) होता है और अधिकतम ₹1,000 तक सीमित है।
कितने समय तक प्रोत्साहन मिलेगा?
- सभी सामान्य क्षेत्रों के लिए पात्र अतिरिक्त कर्मचारियों पर 2 वर्ष तक प्रोत्साहन दिया जाएगा।
- Manufacturing Sector के लिए यही प्रोत्साहन 3रे और 4थे वर्ष तक भी बढ़ाया गया है, यदि योजना की शर्तें पूरी होती रहें।
कर्मचारी को ₹15,000 कैसे मिलते हैं?
Part A के तहत पात्र प्रथम-बार कर्मचारी को एक माह के EPF Wage के बराबर (अधिकतम ₹15,000) का प्रोत्साहन मिलता है।
- पहली किस्त: 6 माह की निरंतर सेवा पूरी होने के बाद।
- दूसरी किस्त: 12 माह की सेवा पूरी होने तथा Financial Literacy Programme पूरा करने के बाद।
सरकार के अनुसार, प्रोत्साहन का एक हिस्सा बचत साधन/डिपॉजिट खाते में निर्धारित अवधि के लिए रखा जा सकता है ताकि बचत की आदत को बढ़ावा मिले।
भुगतान कैसे किया जाएगा?
- कर्मचारी (Part A) का भुगतान DBT (Aadhaar Bridge Payment System) के माध्यम से किया जाता है।
- Employer (Part B) का भुगतान उसके PAN-Linked Bank Account में किया जाता है।
किन परिस्थितियों में लाभ नहीं मिल सकता?
निम्न स्थितियों में लाभ प्रभावित हो सकता है—
- कर्मचारी का मासिक सकल वेतन ₹1 लाख से अधिक हो।
- संस्थान EPFO नियमों का पालन न करे।
- ECR या EPF अंशदान समय पर जमा न किया जाए।
- न्यूनतम अतिरिक्त रोजगार या 6 माह की निरंतर रोजगार शर्त पूरी न हो।
- योजना की अन्य आधिकारिक शर्तें पूरी न हों।
महत्वपूर्ण सुझाव
- केवल आधिकारिक PM-VBRY Portal और EPFO की जानकारी पर भरोसा करें।
- किसी एजेंट या बिचौलिए को भुगतान न करें।
- कर्मचारी अपना आधार, बैंक खाता और UAN विवरण सही रखें।
- नियोक्ता समय पर ECR और EPF अंशदान जमा करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
क्या हर नया कर्मचारी ₹15,000 का लाभ पाएगा?
नहीं। केवल वही कर्मचारी पात्र होंगे जो योजना की सभी शर्तें पूरी करते हैं।
2: क्या सरकारी कर्मचारियों को भी यह लाभ मिलेगा?
यह योजना मुख्य रूप से EPFO से जुड़े औपचारिक रोजगार पर आधारित है। पात्रता आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार तय होगी।
3: यदि मेरा वेतन ₹1 लाख से अधिक है तो क्या मैं पात्र हूँ?
नहीं। Part A के लिए मासिक सकल वेतन ₹1 लाख या उससे कम होना आवश्यक है।
4: क्या मुझे अलग से आवेदन करना होगा?
योजना में कर्मचारी की पात्रता EPFO रिकॉर्ड और संबंधित प्रक्रिया के आधार पर तय की जाती है। यदि किसी चरण में अतिरिक्त प्रक्रिया आवश्यक होगी, तो उसकी जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी।
5: क्या Employer को हर कर्मचारी पर ₹3,000 मिलते हैं?
नहीं। यह कर्मचारी के EPF Wage स्लैब पर निर्भर करता है। अधिकतम ₹3,000 प्रति माह का प्रोत्साहन केवल संबंधित वेतन श्रेणी पर लागू होता है।
6: क्या Manufacturing Sector को अतिरिक्त लाभ मिलता है?
हाँ। पात्र Manufacturing Establishments के लिए Employer Incentive की अवधि 4 वर्ष तक हो सकती है।
7: क्या कर्मचारी को अलग से आवेदन करना पड़ता है?
कर्मचारी की पात्रता EPFO रिकॉर्ड के आधार पर तय होती है। जबकि नियोक्ताओं को योजना के अनुसार आवश्यक विवरण और अनुपालन सुनिश्चित करना होता है।
8: आधिकारिक जानकारी कहाँ मिलेगी?
PM-VBRY Portal, EPFO और श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में योजना की नवीनतम जानकारी उपलब्ध है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि देश में औपचारिक रोजगार बढ़ाना, युवाओं को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना और उद्योगों को नई भर्तियों के लिए प्रोत्साहित करना है। यदि कर्मचारी और नियोक्ता दोनों योजना की सभी पात्रता शर्तों का पालन करते हैं, तो वे इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
अस्वीकरण: योजना से संबंधित नियम समय-समय पर संशोधित हो सकते हैं। आवेदन या लाभ प्राप्त करने से पहले PM-VBRY Portal, EPFO और श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा जारी नवीनतम दिशा-निर्देश अवश्य देखें.

